• इंटेल और डीएसटी - डिजिटल इंडिया
    नवपरिवर्तन चुनौती की टॉप तीन
    जीतने वाली टीमों से मिलें|

चुनौती के बारे में

डिजिटल भारत के लिए नवपरिवर्तन की चुनौती भारत सरकार द्वारा अपने प्रौद्योगिकी साझेदार इंटेल® के सहयोग के साथ की गई एक पहल है। यह कार्यक्रम राष्ट्र के प्रौद्योगिकीय प्रयासों और अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाने वाले नवप्रवर्तन को बढ़ावा देने पर लक्षित है। प्रेरणा से लेकर नवपरिवर्तन तक, नवपरिवर्तकों को भारतीय बाज़ार में कार्यान्वित होने योग्य समाधान विकसित करने के लिए इंटेल द्वारा प्रौद्योगिकीय सहायता तथा आई.आई.एम. अहमदाबाद के नवप्रवर्तन, उद्भवन एवं उद्यमिता केंद्र (सेंटर फ़ॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप, सी.आई.आई.ई.) द्वारा विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाएगा।

चुनौती के विषय

यह चुनौती ऐसे सहज एवं उपयोग में आसान उत्पादों और समाधानों के सृजन को बढ़ावा देने पर लक्षित है जो विकास के लिए अनिवार्य सेवाओं तक पहुँच सुगम बनाएं और उन्हें प्रेरित करें। इनमें से कुछ अतिमहत्वपूर्ण सेवाएं हैं वित्तीय सेवाएं, ई-शासन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य देखभाल। इंटेल दो व्यापक क्षेत्रों में उत्पाद और सेवाएं विकसित कर सकने वाले नवपरिवर्तकों को इस चुनौती में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है:

  • ऐसा नागरिक यंत्र मंच (सिटीज़न डिवाइस प्लेटफॉर्म) बनाने के लिए नवपरिवर्तन करना जिसमें उपयोगी तथा प्रौद्योगिकी को बड़े स्तर पर अपनाये जाने तथा सुगम बनाने वाली विशेषताएं हों, जैसे कि बायोमीट्रिक संवेदन क्षमताएं, अन्य संवेदकों का उपयोग करते हुए परिधीय यंत्र (पेरिफेरल्स), सहज उपयोक्ता अंतर्फलक (यूज़र इंटरफ़ेस), भंगिमा पहचान, एवं बहु-भाषायी तथा वाणी समर्थन।

  • ऐसी एप्स बनाने के लिए नवपरिवर्तन करना जो मोबाइल मंच पर ई-क्रांति/मेरी सरकार एप्स के माध्यम से ई-शासन सेवाओं को प्रदान करने में तेजी लाएं।

मुख्य पड़ाव एवं विशेषताएं

इस चुनौती को, प्रेरणा को व्यावसायिक रूप से व्यवहारिक समाधान में बदलने के लिए तैयार किया गया है। प्रतिभागियों को 5 चरण पार करने होंगे जिनमें नागरिकों के लिए इंटेल® प्रौद्योगिकी पर आधारित उत्पाद बनाने के लिए सी.आई.आई.ई. द्वारा उद्भवन (इनक्यूबेशन) एवं त्वरण दिया जाना शामिल है।

  • पहला चरण
  • आवेदन जमा करना
  • प्रविष्टि जमा करने का चरण 28 जून, 2015 को भारतीय समयानुसार सायं 6 बजे समाप्त हो जाएगा।

    शीर्ष के अधिकतम 50 प्रतिभागी दल अपनी अवधारणा अहमदाबाद में विशेषज्ञ मंडल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

    त्वरित्र (एक्सलरेटर) कार्यक्रम के लिए अधिकतम 20 प्रतिभागी दलों का चयन किया जाएगा।

  • दूसरा चरण
  • त्वरित्र (एक्सीलरेटर) कार्यक्रम, अगस्त से अक्टूबर 2015 तक
  • यह चरण चुने गए अधिकतम 20 प्रतिभागी दलों को परामर्श व मार्गदर्शन देने के साथ आरंभ होगा। दलों को पुणे में अधिकतम 12 सप्ताह तक की अवधि के लिए परामर्श व मार्गदर्शन दिया जाएगा जिस दौरान वे इंटेल® आर्किटेक्चर (आई.ए.) पर एम.वी.पी. (मिनिमम वायेबिल प्रॉडक्ट/न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद) विकसित करेंगे।

    चुने गए प्रतिभागी दलों को अधिकतम 2,00,000 भारतीय रुपये प्रति दल का प्रोटोटाइपिंग अनुदान मिलेगा।

    8 सप्ताह पूरे होने पर शीर्ष के अधिकतम 10 प्रतिभागी दलों की पहचान की जाएगी और उन्हें अतिरिक्त परामर्श एवं मार्गदर्शन मिलेगा।

  • तीसरा चरण
  • बाज़ार में उतरने की तैयारी एवं प्रोटोटाइप दिवस, अक्टूबर से नवंबर, 2015
  • इस चरण में, चुने गए अधिकतम 10 प्रतिभागी दलों को अधिकतम 5,00,000 भारतीय रुपये प्रति दल का विकास अनुदान मिलेगा।

    प्रतिभागी दल प्रोटोटाइप दिवस के माध्यम से उद्योग के विशेषज्ञों के सामने अपने कार्यशील प्रोटोटाइपों का प्रदर्शन करेंगे और उनकी प्रतिक्रिया लेंगे।

    प्रतिभागी दल डिज़ाइनिंग कंपनियों के साथ बातचीत भी करेंगे।

  • चौथा चरण
  • आरंभिक ग्राही बातचीत एवं प्रारंभिक चरण, नवंबर 2015 से जनवरी 2016
  • प्रतिभागी दलों को उद्योग के खिलाड़ियों से अतिरिक्त परामर्श एवं मार्गदर्शन मिलेगा और चुनिंदा कंपनियों के साथ क्षेत्र प्रवेश अनुभव मिलेगा।

    शीर्ष के अधिकतम 3 प्रतिभागी दलों को चुना जाएगा एवं ईक्विटी निवेश तक पहुंच प्रदान करने हेतु सम्यक उद्यम की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।

  • पांचवा चरण
  • प्रदर्शन दिवस एवं प्रदर्शन, जनवरी 2016 में
  • चुनौती के इस अंतिम चरण में, शीर्ष के अधिकतम 10 प्रतिभागी दल प्रदर्शन दिवस के माध्यम से बाज़ार के मुख्य खिलाड़ियों के सामने अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।

    अंतिम चक्र के प्रतिभागियों की घोषणा करने के लिए प्रदर्शन कार्यक्रम एवं आगे के उत्पादिकरण एवं व्यावसायीकरण के लिए उद्योग के खिलाड़ियों और चुनिंदा कंपनियों के साथ संभावित परिचय/करार।

    सम्यक उद्यम प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर, शीर्ष के अधिकतम 3 चुने गए दलों को अधिकतम 20,00,000 भारतीय रुपये प्रति दल के ईक्विटी निवेश तक पहुंच प्राप्त होगी।

  • समयसीमा किसी पूर्व सूचना के बिना परिवर्तन के अधीन हैं । प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे नियमों व शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ लें।

त्वरित्र (एक्सलरेटर) कार्यक्रम और आगे

ऐक्सेलरेटर कार्यक्रम प्रयासों वाणिज्यिक रूप से व्यवहार्य उत्पादों के डिजाइन और विकास की सुविधा के लिए । प्रतिभागियों से विचार पाला और पुणे में 8-12 सप्ताह के कार्यक्रम में न्यूनतम - व्यवहार्य उत्पादों ( एमवीपी ) और समाधान देने के लिए तैयार हो जाएगा। आगे के विकास और उनके एमवीपी या समाधान के व्यावसायीकरण की क्षमता के साथ दस टीमों के शीर्ष करने के लिए 8 सप्ताह के अंत तक चुने किया जाएगा।

प्रतिभागियों को मिलेगा :

  • ऐक्सेलरेटर कार्यक्रम के लिए पहचान की टीमों में से प्रत्येक एमवीपी विकास की दिशा में प्रयोग की जाने वाली टीम रुपये प्रति 2,00,000 के अनुदान के लिए उपयोग होगा |
  • 6 महीने का उद्भवन (इनक्यूबेशन) जिसमें पुणे में 3 माह का ऐक्सेलरेटर कार्यक्रम शामिल है।
  • विभिन्न पृष्ठभूमियों वाले विशेषज्ञों के सामने कार्यशील प्रोटोटाइप प्रदर्शित करने के लिए प्रोटोटाइप दिवस में सहभागिता के माध्यम से बाज़ार में उतरने की तैयारी।
  • डिजाइनिंग कंपनियों, फ़ैब-लैब (फ़ैब्रिकेशन प्रयोगशालाओं) एवं 3डी प्रिटिंग तक पहुँच।
  • इंटेल द्वारा तकनीकी परामर्श व मार्गदर्शन एवं उद्योग के विशेषज्ञों एवं सलाहकारों द्वारा परामर्श व मार्गदर्शन।
  • इंटेल® आर्किटेक्चर (आई.ए.) आधारित उत्पाद किटों एवं सॉफ़्टवेयर विकास किटों (एस.डी.के.) तक पहुँच।
  • क्षेत्र प्रवेश एवं प्रारंभिक परीक्षण के लिए उद्योग से संपर्क बनाने की दिशा में सहयोग।
  • 1.5 करोड़ भारतीय रुपयों की कुल राशि वाले अनुदानों / बीज निधि / ईक्विटी निवेशों तक पहुँच।
  • प्रदर्शन दिवस में सहभागिता के माध्यम से, संभावित उत्पादकरण एवं व्यावसायीकरण के लिए बाज़ार के मुख्य खिलाड़ियों से परिचय।
  • कार्यक्रम के अंत में एक बड़े स्तर के कार्यक्रम में उत्पादों के प्रदर्शन का अवसर।

पात्रता

उत्पाद विकास की गति बढ़ा कर बाज़ार में लाए जा सकने वाले उत्पादों का नवपरिवर्तन करने का सामर्थ्य रखने वाले नवपरिवर्तक, भावी उद्यमी, उत्पाद डिजाइनकार, विद्यार्थी एवं नयी कंपनियां भाग लेने हेतु पात्र हैं।

  1. चुनौती में प्रवेश करने वाली नयी कंपनियों या व्यापारिक संस्थाओं का गठन भारत में और भारत के कानूनों के अनुसरण में हुआ होना चाहिए।
  2. आवेदकों (बहुमत शेयरधारकों) का भारतीय नागरिकता वाला एवं भारत का निवासी होना आवश्यक है।
  3. हालांकि प्रत्येक व्यक्ति इस चुनौती के लिए आवेदन कर सकते हैं, पर ईक्विटी निवेश के लिए जो शीर्ष 3 दल चुने जाएंगे उनके पास, 31 अक्तूबर 2015 तक, भारतीय कानूनों के अनुसार एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी होनी आवश्यक है।
  4. प्रतिभागियों की आयु 1 जून, 2015 को कम-से-कम 18 वर्ष होनी आवश्यक है।
  5. इंटेल व डी.एस.टी. - डिजिटल भारत के लिए नवपरिवर्तन की चुनौती में निम्नांकित व्यक्ति भाग नहीं ले सकते हैं : (a) इंटेल के कर्मचारी (b) सी.आई.आई.ई. या विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (भारत सरकार) के सदस्य या कर्मचारी, (c) इंटेल व डी.एस.टी. - डिजिटल भारत के लिए नवप्रवर्तन की चुनौती के मूल्यांकन मंडल या निर्णायक मंडल या सलाहकार मंडल के सदस्य।

भाग कैसे लें

प्रतिभागिता प्रक्रिया से प्रतिभागी विचारों को नवपरिवर्तन में बदलने की दिशा में पहला कदम उठाने में सक्षम करता है। अभी नवप्रवर्तन आरंभ करें!

  1. प्रवेश के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, चुनौती द्वारा निर्धारित प्रारूप में व्यापार के विचार की रूपरेखा देते हुए व्यापार सारांश जमा करें।
  2. विधिवत रूप से पूर्ण तथा पूरी तरह से भरे हुए व्यापार सारांश रविवार, 28 जून, 2015 को भारतीय समयानुसार सायं 6 बजे से पहले ऑनलाइन आवेदन प्रणाली द्वारा जमा कर दिए जाने चाहिए।
  3. प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे http://www.innovatefordigitalindia.intel.in/ साइट पर जाएं और ‘Click here to participate’ 'भाग लेने के लिए यहां क्लिक करें' बटन पर क्लिक करें। ऐसा करने पर प्रतिभागियों को www.mygov.in पर भेजा जाएगा।
  4. प्रतिभागी को www.mygov.in पोर्टल पर टास्क सेक्शन में ले जाया जाएगा, जहां ‘INTEL & DST - INNOVATE FOR DIGITAL INDIA CHALLENGE’ / ‘इंटेल व डी.एस.टी. - डिजिटल भारत के लिए नवपरिवर्तन की चुनौती’ की एक लिंक दिखेगी। यह लिंक प्रतिभागियों को MyGov (मेरी सरकार) पोर्टल के अंदर ही कार्यक्रम की माइक्रोसाइट पर ले जाएगी।
  5. प्रतिभागियों को पहले चैलेंज माइक्रोसाइट पर रजिस्टर और लॉग-इन करना होगा और फिर आवेदन पंजीकरण पत्र भरना और जमा करना होगा।
  6. जमा करने की क्रिया सफल हो जाने पर, प्रतिभागियों को एक पुष्टि ईमेल मिलेगी।

अन्य पूछताछ के लिए, कृपया अपने पूरे नाम, ईमेल आईडी, संपर्क संख्या एवं प्रश्न के साथ ifdic [at] ciieindia [dot] org पर ईमेल भेजें।

पुरस्कार

अधिकतम 2 लाख भारतीय रुपये प्रत्येक के अधिकतम 20 प्रोटोटाइपिंग अनुदान

अधिकतम 5 लाख भारतीय रुपये प्रत्येक के अधिकतम 10 उत्पाद विकास अनुदान

अधिकतम 20 लाख भारतीय रुपये प्रत्येक के अधिकतम 3 बीज निधि / ईक्विटी निवेश